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बूचा नरसंहार के आरोपों पर रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ‘यह शांति वार्ता को बाधित करने की कोशिश’

बूचा नरसंहार को लेकर जहां एक तरफ पूरी दुनिया में रूस की आलोचना हो रही है और उस पर कड़ी कार्रवाई की मांग हो रही है, तो दूसरी तरफ रूस ने इसे निराधार बताते हुए कहा है कि इन लाशों की खोज मॉस्को औऱ कीव के बीच वार्ता को बाधित करने के लिए की गई है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन के बूचा शहर में शवों की खोज दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता को प्रभावित करने के उद्देश्य से ही की गई है. यह एक उकसाने वाली घटना है.

बूची की तस्वीरों के औचित्य पर उठाया सवाल

लावरोव ने रूसी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में कहा, “एक बड़ा सवाल ये उठता है कि इस झूठे दावों और उत्तेजना वाली तस्वीरों से किस उद्देश्य की पूर्ति हो रही है? हमें विश्वास है कि यह सब कुछ दोनों देशों के बीच चल रही वार्ता को बाधित करने के बहाने खोजने के लिए ही है. इन सबके बाद भी रूस बातचीत के लिए तैयार है.”

पिछले महीने से चल रही है दोनों देशों में वार्ता

बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत पिछले महीने तुर्की के अंताल्या रिसॉर्ट में शुरू हुई थी. यह बातचीत अब भी जारी है. रूस ने पिछले हफ्ते इस्तांबुल में एक बैठक के बाद उत्तरी यूक्रेन में अपनी सैन्य गतिविधियों को काफी कम करने की घोषणा भी की थी.

यूक्रेन ने रखा है अंतरराष्ट्रीय समझौते का प्रस्ताव

वहीं यूक्रेन ने अपनी सुरक्षा की गारंटी मांगते हुए अन्य देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय समझौते का एक प्रस्ताव रखा है. इसमें एक तटस्थ और गैर-परमाणु स्थिति को स्वीकार करने, नाटो में शामिल नहीं होने और विदेशी सैन्य ठिकानों की मेजबानी करने से इनकार करने की बात कही गई है. यूक्रेन के प्रस्ताव के अनुसार, रूस यूरोपीय संघ में कीव के प्रवेश का विरोध नहीं करेगा.

Mukund Lekhni

मुकुंद लेखनी एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टल है, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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