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रक्षा मंत्रालय की नौकरियों में ‘अग्निवीरों’ को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण

  • रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आरक्षण के प्रस्ताव को दी मंजूरी
  • पूर्व सैनिकों को मौजूदा आरक्षण के अलावा मिलेगा इसका लाभ

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए रक्षा मंत्रालय में नौकरी की रिक्तियों के 10 फीसदी को आरक्षित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह 10 फीसदी आरक्षण भारतीय तटरक्षक बल, रक्षा असैन्य पदों और सभी 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लागू किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों के लिए वर्तमान आरक्षण के अतिरिक्त उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्रालय से जुड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) में ”अग्निवीरों” को नौकरियों में 10 फीसदी प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके अलावा मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (एमडीएल), मिश्रा धातु निगम (मिधानी) लिमिटेड, बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड (एवीएनएल), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यू एंड ईआईएल), मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल), यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल), ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) और ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) में ”अग्निवीरों” को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

प्रवक्ता के अनुसार इन प्रावधानों को लागू करने के लिए प्रासंगिक भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन लागू किए जाएंगे। डीपीएसयू को सलाह दी जाएगी कि वे अपने संबंधित भर्ती नियमों में समान संशोधन करें। उपरोक्त नौकरियों में ”अग्निवीरों” की भर्ती के लिए आवश्यक आयु सीमा में छूट का प्रावधान भी किया जाएगा।

Mukund Lekhni

मुकुंद लेखनी एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टल है, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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