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केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन खत्म, पुलिस ने खाली कराई साइट; प्रदर्शनकारियों को वापस भेजा गया

छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों के प्रोटेस्ट पर पुलिस का एक्शन हुआ है। पुलिस ने नदी किनारे धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को हटा दिया है। बता दें कि यहां पिछले 12 दिनों से विस्थापितों की मांग को लेकर प्रोटेस्ट जारी था। आज पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता की बिगड़ती सेहत के बाद ये एक्शन लिया है। पुलिस ने प्रदर्शन वाली जगह को खाली करा दिया और प्रदर्शनकारियों को उनके गांवों वापस भेज दिया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन के नेता अमित भटनागर को हिरासत में लिया गया, जबकि पुलिस ने किसी भी गिरफ्तारी से इनकार किया है।

12 दिनों से चल रहा था प्रदर्शन

दरअसल, मुख्य रूप से आदिवासी महिलाओं का यह विरोध प्रदर्शन पिछले 12 दिनों से छतरपुर जिले के कुपी गांव के पास बराना नदी के किनारे चल रहा था। प्रदर्शनकारियों ने ‘जल सत्याग्रह’, ‘चिता सत्याग्रह’ और प्रतीकात्मक ‘फांसी सत्याग्रह’ भी शुरू किया था। आंदोलन का नेतृत्व अमित भटनागर कर रहे थे, जिन्होंने 11 दिनों तक अनिश्चितकालीन उपवास किया।

भूख हड़ताल पर थे अमित भटनागर

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट, जो नेशनल पर्सपेक्टिव प्लान के तहत देश का पहला नदी जोड़ने का प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट का मकसद केन नदी से अतिरिक्त पानी को बेतवा नदी में पहुंचाना है, ताकि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड इलाके में सिंचाई और पीने के पानी की सुविधा मिल सके। इसे लेकर 3 जुलाई को कुपी गांव के पास बराना नदी के किनारे विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। अमित भटनागर पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। वे प्रोजेक्ट को लागू करने में कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई और पर्यावरण व कानूनी नियमों के पालन की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने खाली कराई साइट

विरोध प्रदर्शन की नेता दिव्या अहिरवार ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह करीब 5 बजे पुलिसकर्मी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और भटनागर व अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। यह सब तब हुआ जब वे मीडिया को प्रोजेक्ट में कथित तौर पर 400 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के बारे में बताने वाले थे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि प्रशासन कानून का पालन करे और प्रोजेक्ट को लागू करते समय संविधान के तहत मिले अधिकारों को सुनिश्चित करे। अहिरवार ने कहा कि अगर अमित भटनागर या किसी भी प्रदर्शनकारी को कोई नुकसान होता है तो प्रशासन जिम्मेदार होगा और उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।

ग्रामीणों को पहुंचाया गया उनके गांव

वहीं एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस आदित्य पाटले ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को बसों में उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाया गया। पन्ना जिले के लोगों को वहां भेजा गया, जबकि छतरपुर और आसपास के इलाकों के लोगों को उनके संबंधित गांवों में छोड़ा गया। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि किसी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया था। वहीं नियमों के उल्लंघन के दावों को प्रशासन ने खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि प्रोजेक्ट को कानून के अनुसार ही लागू किया जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट राष्ट्रीय महत्व का है और इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई, पीने के पानी की आपूर्ति और समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।

Mukund Lekhni

मुकुंद लेखनी एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टल है, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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