अवधेश पटेल पर क्यों है मंत्री आशीष पटेल मेहरबान!

तकनीकी शिक्षा किसी देश के विकास की रीढ़ होती है। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए भारतीय संसद ने वर्ष 1987 में AICTE Act पारित किया। माननीय संसद का संकल्प है कि पूरे देश में एक समान एवं गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा का विकास किया जाए। उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के पूरे सिस्टम को एक ऐसे माननीय मंत्री के नेतृत्व में पूर्णतः बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया गया है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की होगी। उत्तर प्रदेश में माननीय उच्च न्यायालय तथा माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद AICTE के Regulations को 3 मई 2018 को पूर्णतः लागू किया गया।
माननीय मंत्री श्री आशीष पटेल ने अपने सहपाठी एवं सजातीय श्री अवधेश पटेल, जो AICTE के अनुसार निर्धारित योग्यता एवं अर्हता नहीं रखते थे तथा माननीय मंत्री जी के साथ illegally attached हैं और जो माननीय मंत्री जी के सभी कारगुज़ारियों को अंजाम देते हैं, के साथ संगठन के माध्यम से मंत्री जी के अन्य सजातीय तथा अन्य लोगों को कुल 250 Lecturers के संबंध में नियमों को तार-तार करते हुए, लोक सेवा आयोग की सीधी भर्ती के पदों पर लागू नियमों एवं संविधान को ताक पर रखते हुए, पहले Grade Pay Rs. 5400 से Grade Pay Rs. 6600 पर प्रमोशन कराया, जो किया ही नहीं जा सकता था, क्योंकि नियम यह है कि Grade Pay Rs. 5400/6000 से Grade Pay Rs. 7000 तथा उसके बाद Grade Pay Rs. 7000 से Grade Pay Rs. 8000 पर चयन समिति के माध्यम से प्रमोशन किया जाएगा।
इसके उपरांत Grade Pay Rs. 8000 से Grade Pay Rs. 9000 पर प्रमोशन नहीं होगा। Grade Pay Rs. 8000 से Head of Department (HOD) पर प्रमोशन न होकर लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती होने वाले पद का वेतनमान देकर विभाग में उच्च शिक्षा प्राप्त (M.Tech./Ph.D.) Lecturers का भविष्य बर्बाद कर दिया गया तथा उनके अवसरों को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया। विभाग में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई। उच्च शिक्षा प्राप्त Lecturers पूर्णतः frustrated हैं तथा विभाग में घोर वित्तीय अनियमितता है।
जिन 250 Lecturers का नियम-विरुद्ध प्रमोशन किया गया है, उनमें से धीरे-धीरे करते हुए 195 की पोस्टिंग उनके मन मुताबिक कर दी गई। जिनको Rs. 1,00,000 से Rs. 1,25,000 मिलना चाहिए, वे अब लगभग Rs. 2,50,000 नियम-विरुद्ध प्राप्त कर रहे हैं।
इस प्रकार लगभग (195 × Rs. 1,25,000) = Rs. 2.43 करोड़ की प्रति माह सरकारी धनराशि की लूट हो रही है तथा पूरे वर्ष में लगभग Rs. 30.0 करोड़ के सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है।
इन 195 Lecturers में कुछ ऐसे Lecturers भी हैं, जिनको माननीय मुख्यमंत्री जी के यहाँ से की गई Pharmacy Colleges की जाँच में दोषी पाया गया। उनका परिणाम पहले रोक दिया गया था। इसके बाद माननीय मंत्री जी के यहाँ श्री अवधेश पटेल के माध्यम से Settlement होने के बाद उनका Result जारी किया गया। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि GEM Portal के करोड़ों रुपये के मामले तथा Pharmacy—दोनों मामलों में दोषी होने के बावजूद उन्हें HOD बनाया गया, क्योंकि वे माननीय मंत्री जी के संरक्षण में हैं।
विभाग में अराजकता का आलम यह है कि 20 वर्ष की सेवा वाला व्यक्ति Grade Pay Rs. 7000 पर है, जबकि 9 वर्ष की सेवा वाला व्यक्ति Grade Pay Rs. 9000 (Pay Band-IV) प्राप्त कर रहा है।
सविनय निवेदन है कि उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग में 195 शिक्षकों को Head of Department (HOD) के पद पर पदोन्नति तथा AICTE के उच्च वेतनमान/Pay Level-13A1 प्रदान किए जाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जाँच कराई जाए तथा की गई नियम-विरुद्ध DPC को निरस्त करते हुए, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और सरकारी कोष से किए गए नियम-विरुद्ध वेतन भुगतान की वसूली करने का कष्ट करें।





