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इंडोनेशिया में 6.5 तीव्रता का एक और भूकंप, कुछ घंटे पहले आए भूकंप ने ली 40 की जान

CBS न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार दोपहर इंडोनेशिया में 6.5 तीव्रता का एक और जबरदस्त भूकंप आया। इससे कुछ घंटे पहले ही सुबह 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप से कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई थी और सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 4:24 बजे 165 किलोमीटर की गहराई पर आया। इसका केंद्र 3.043 N अक्षांश और 99.105 E देशांतर पर था। NCS ने X पर एक पोस्ट में कहा, “भूकंप की तीव्रता 6.5 रही, जबकि समय 15 अगस्त को 16:24:50 IST बजे। भूकप का केंद्र अक्षांश: 3.043 N, देशांतर: 99.105 E पर रहा, भूकंप की गहराई 165 किमी रहा।”

शनिवार तड़के आया 7.7 तीव्रता का भूकंप

दरअसल, इससे पहले शनिवार तड़के इंडोनेशिया के तट पर 7.7 तीव्रता का ज़बरदस्त भूकंप आया, जिसमें कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। इस भूकंप में कई इमारतें भी ढह गईं। वहीं खतरनाक भूकंपों के लिए जाने जाने वाले इस इलाके में दहशत फैल गई है। अधिकारियों ने बताया कि दर्जनों लोग भूकंप की वजह से घायल हुए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों ने सुनामी की चेतावनी भी जारी की। अधिकारियों ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा, लेकिन बाद में चेतावनी वापस ले ली।

समुद्र के जलस्तर में कोई खास बदलाव नहीं

इंडोनेशिया की मौसम विभाग एजेंसी ने कहा कि निगरानी में समुद्र के जलस्तर में कोई खास बदलाव नहीं दिखा, जिससे तटीय आबादी को खतरा हो। वहीं US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 5:58 बजे इंडोनेशिया के फ्लोरेस इलाके में 10 किलोमीटर (छह मील) की गहराई पर आया। इसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से 68 किलोमीटर (42 मील) उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप के कारण भूस्खलन हुआ और छोटी सुनामी भी आई।

भूकंप से कई इमारतें गिरीं

ईस्ट नुसा तेंगारा के पुलिस प्रमुख रूडी डारमोको ने बताया कि भूकंप से भारी नुकसान हुआ है और कई इमारतें ढह गई हैं। शहरों और गांवों में बिजली गुल होने से संचार व्यवस्था बाधित हुई और खोज व बचाव कार्यों में रुकावट आई। CBS न्यूज़ के अनुसार, डारमोको ने कहा, “हम नुकसान और हताहतों की जानकारी जुटा रहे हैं, लेकिन संचार में रुकावट आ रही है।” एंडे रीजेंसी में हुए भूस्खलन की वजह से ट्रांस-फ्लोरेस हाईवे भी बंद हो गया है। यह लगभग 700 किलोमीटर लंबी पक्की पहाड़ी सड़क है जो फ्लोरेस द्वीप पर लाबुआन बाजो से लारंटुका तक जाती है। भूकंप के बाद करीब 2,000 लोगों ने खुद ही सुरक्षित जगहों पर शरण ली।

Mukund Lekhni

मुकुंद लेखनी एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टल है, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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