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रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठियों पर CM योगी की दो टूक, कहा- नौकर से लेकर किरायेदार तक, सबकी ID करें चेक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को नागरिकों से अपील की कि वे सतर्क रहें और घरेलू अथवा व्यावसायिक कार्यों में किसी भी व्यक्ति को नियुक्त करने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त एवं निर्णायक अभियान चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह अपील ऐसे समय में की है, जब उनके निर्देश पर पिछले सप्ताह से पूरे प्रदेश में घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। उन्होंने सोमवार सुबह ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उच्चतम न्यायालय की हालिया टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं बिछाया जा सकता। इससे स्पष्ट है कि घुसपैठिए किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि संसाधनों पर अधिकार नागरिकों का है, घुसपैठियों का नहीं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राज्य की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध सघन अभियान शुरू किया गया है तथा सभी शहरी स्थानीय निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संसाधनों पर अनधिकृत बोझ हटाना आवश्यक है और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को वंचितों तक पहुंचने से रोका नहीं जा सकता, इसी उद्देश्य से दस्तावेज सत्यापन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और पहचाने गए घुसपैठियों को आगे की कार्रवाई के लिए निरुद्ध केंद्र भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मंडल में ऐसे केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। जनता से अपील करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घरेलू या व्यावसायिक कार्यों में किसी भी व्यक्ति को नियुक्त करने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें। उन्होंने कहा, “राज्य की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि की नींव है।” उच्चतम न्यायालय ने भारत में रह रहे रोहिंग्या को लेकर कानूनी स्थिति पर सवाल उठाते हुए दो दिसंबर को पूछा था कि जब देश के अपने नागरिक ही गरीबी से जूझ रहे हैं, तो “घुसपैठियों” को “लाल कालीन बिछाकर स्वागत” क्यों दिया जाए।

Mukund Lekhni

मुकुंद लेखनी एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टल है, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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