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‘महंगाई के हिसाब से बढ़ाई जाए लोगों की तनख्वाह’, राघव चड्ढा ने संसद में की कानून बनाने की मांग

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को संसद में एक बड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने भारत में तुरंत ‘इन्फ्लेशन लिंक्ड सैलरी रिवीजन एक्ट’ (महंगाई से जुड़ा वेतन संशोधन कानून) बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह कानून नौकरीपेशा लोगों को महंगाई से होने वाले नुकसान से बचाएगा। यूनियन बजट 2026-27 पर बहस के दौरान राघव चड्ढा ने बताया कि वित्त वर्ष 2018 से 2026 के बीच सैलरीड भारतीयों की असली कमाई 16 प्रतिशत घट गई है। इसका कारण यह है कि सैलरी में बढ़ोतरी महंगाई की रफ्तार से कम रही।

‘महंगाई के कारण लोगों की क्रय शक्ति कम हुई’

चड्ढा ने कहा कि महंगाई के कारण लोगों की खरीदने की ताकत कम हो गई है, यानी आर्थिक विकास के बावजूद लाखों लोगों के लिए यह एक तरह से ‘पर्सनल पे कट’ बन गया है। उन्होंने कहा कि महंगाई चुपचाप मेहनत की कमाई को खा जाती है। सरकारी कर्मचारियों को डियरनेस अलाउंस (DA) में बढ़ोतरी और पे कमीशन से सुरक्षा मिलती है, लेकिन देश के औपचारिक निजी क्षेत्र के 85 प्रतिशत कर्मचारियों के पास कोई कानूनी सुरक्षा नहीं है। वे सिर्फ कंपनी की मेहरबानी या अपनी बातचीत की ताकत पर निर्भर रहते हैं।

राघव चड्ढा ने दिया दूसरे देशों का उदाहरण

राघव चड्ढा ने दुनिया के कुछ देशों के उदाहरण दिए, जहां ऐसे कानून पहले से चल रहे हैं। अमेरिका में कॉस्ट ऑफ लिविंग एडजस्टमेंट (COLA) से अपने आप वेतन बढ़ता है। जर्मनी में हर 18-24 महीने में वेतन अपडेट अनिवार्य है। जापान में हर साल ‘शुनतो’ सिस्टम से महंगाई के हिसाब से बढ़ोतरी होती है। बेल्जियम में हर तिमाही इंडेक्सेशन होता है। उन्होंने कहा कि भारत को भी ऐसे कानून बनाने चाहिए, जिसमें न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी महंगाई सूचकांक (इन्फ्लेशन इंडेक्स) से जुड़ी हो। चड्ढा ने कहा कि इससे निष्पक्षता आएगी।

‘एक्ट से कामगारों के सम्मान का बचाव होगा’

संसद में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि महंगाई को भारत का ‘साइलेंट पे कट’ नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने सभी औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कानूनी सुरक्षा की मांग की। FY26 की आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह एक्ट जरूरी है। इससे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था में विकास निष्पक्ष होगा और कामगारों के सम्मान का बचाव होगा।

Mukund Lekhni

मुकुंद लेखनी एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टल है, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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