उत्तर प्रदेशलखनऊ

गीता को कंपनी के मालिक ने उतरा था मौत के घाट, हरदोई से मिली डेड बॉडी

लखनऊ। ‌गीता गायब नहीं हुई थी, गीता की हत्या की गई थी। गीता की हत्या करने वाला कोई ओर नहीं उसकी कंपनी का मालिक अभिनव वर्मा है। अभिनव वर्मा ने ही अपने तीन साथियों के साथ मिलकर गीता को मौत के घाट उतारा था। हत्या के बाद गीता की लाश को हरदोई में ठिकाने लगाया गया था। पुलिस ने इस मामले में खुलासा किया है। हालांकि, अभी तक गीता की हत्या क्यों की गई है इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।

पती ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी

गीता के पति नीरज सिंह ने दो फरवरी को गाजीपुर थाने में गीता सिंह के गायब होने की बात बताते हुए गुमशुदा की दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि गीता की हत्या कर दी गई। पूछताछ मे यह बात निकाल कर आई कि गीता की हत्या उसी कंपनी के मालिक अभिनव वर्मा ने अपने साथी अर्जुन, शिवा और कमल किशोर के साथ मिलकर की थी। चारों ने मिलकर पहले गीता की हत्या की, उसके बाद हरदोई के बेनीगंज में गीता की लाश को ठिकाने लगाया। ‌आरोपियों की सिनाख्त पर गीता की डेड बॉडी को रिकवर कर लिया गया है। ‌

गुमशुदगी हत्या में हुई कन्वर्ट

डीसीपी नॉर्थ अभिजीत आर शंकर ने बताया कि गीता की डेड बॉडी रिकवर कर ली गई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है डेड बॉडी का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल गुमशुदगी को हत्या की धारा 302 में कन्वर्ट कर दिया गया है।

Mukund Lekhni

मुकुंद लेखनी एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टल है, जो देश-दुनिया, उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को तथ्य, निष्पक्षता और जनसरोकार के साथ पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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