उत्तर प्रदेशलखनऊ

फर्जीवाड़ा कर सरकार को लगाया 2.11 करोड़ का चपत, राज्यकर के सहायक आयुक्त ने सरोजनीनगर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक फर्म का पंजीकरण कराकर 11.73 करोड़ रुपये का कारोबार कागजों में दिखाया गया। फर्म मालिक ने इसी आधार पर सरकार से 2.11 करोड़ रुपये का जीएसटी क्लेम कर लिया। जांच में पता चला कि फर्म वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं थी। इस फर्जीवाड़े का खुलासा राज्यकर विभाग की जांच में हुआ। विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह की तहरीर पर सरोजनीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

राज्यकर विभाग के खंड-14 में तैनात सहायक आयुक्त संजय सिंह के मुताबिक ‘मेसर्स कुमार सर्विस’ नाम से फर्जी फर्म का पंजीकरण कराया गया था। फर्म का पता हिंदनगर आशियाना रोड दर्शाया गया, जबकि बैंक खाता एसबीआई मसूरी शाखा का खोला गया। जांच में बिजली बिल समेत सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। फर्म ने ‘बालाजी ट्रेडर्स’ के साथ 11.73 करोड़ का लेनदेन दिखाया, लेकिन कोई वास्तविक आपूर्ति नहीं मिली। केवल आईटीसी लाभ पाने के लिए फर्जी इनवायस जारी और प्राप्त किए गए। आसपास के लोगों को फर्म के बारे में कोई जानकारी तक नहीं थी।

Mukund Lekhni

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