उत्तर प्रदेशलखनऊ

20 हजार से अधिक कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन, मांगों पर सुनवाई न होने से आक्रोश

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेशभर से संबद्ध संगठनों के अध्यक्ष, महामंत्री, जनपद शाखाओं के पदाधिकारी सहित 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष जेएन तिवारी ने बताया कि 20 जनवरी को विधानसभा के समक्ष प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों से 20 हजार से अधिक कर्मचारी विधानसभा पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।

जेएन तिवारी ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय, 2001 के बाद संविदा, वर्कचार्ज व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों, कोरोना काल में काटे गए नगर प्रतिकर भत्ते तथा 18 माह के सीज महंगाई भत्ते जैसे मुद्दों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

कैशलेस इलाज व्यवस्था का लाभ भी कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव कार्मिक कर्मचारियों की मांगों पर वार्ता नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को दर्जनों पत्र लिखे जाने के बावजूद शासन संज्ञान नहीं ले रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी को ऑनलाइन समीक्षा बैठक होगी और 20 जनवरी के आंदोलन के बाद आगे की रणनीति घोषित की जाएगी।

Mukund Lekhni

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