उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ नगर निगम : सफाई कार्य में बांग्लादेशियों को दी जा रही प्राथमिकता, अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा ने शुरू किया विरोध

नगर निगम में सफाई कार्य के लिए बांग्लादेशियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा है। यह कहना है अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के प्रदेश सचिव एडवोकेट अविनाश भारती का।

अविनाश भारती ने इस समस्या के समाघान के लिए महापौर को पत्र भी लिखा है। अविनाश भारती ने कहा है कि हमारी मांग है कि उत्तर प्रदेश में रह रहे स्वच्छकार समुदाय (वाल्मीकि और धानुक) समाज के लोगों को सबसे पहले वरीयता देते हुए, उनकी योग्यता के आधार पर नगर निगम के सफाई से सम्बंधित सभी पदों पर नियुक्तियां दी जायें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग अधिनियम, 1993 है, जिसे 1994 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना और उनके पुनर्वास के लिए सरकार को सिफारिशें देना था।

लेकिन नगर निगम लखनऊ प्रशासन और ठेका कंपनियों के द्वारा सफाई कार्यो के सभी पदों पर बांग्लादेश से आये बांग्लादेशियों को प्राथमिकता दी जा रही है और रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिन पूर्व ही सांसद बृजलाल जी ने भी एक वीडियो के जरिये इसका खुलासा किया था। भारत में बांग्लादेशी, रोहिंग्या का घुसपैठ एक अन्तर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है जो भारत को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में रह रहे ये बांग्लादेशी देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा है।

Mukund Lekhni

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