
गुजरात के एकता नगर में आज (शनिवार को) सरदार पटेल की जयंती पर एकता परेड का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री मोदी एकता परेड में मौजूद रहे और उन्होंने एकता परेड की सलामी ली। एकता परेड में एंटी-नक्सल अभियान से जुड़े सुरक्षाबलों, डॉग स्क्वाड और 5 हजार से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया। इस दौरान, पीएम मोदी ने सभी को देश की सुरक्षा के लिए सजग रहने का संकल्प भी दिलाया।
गरीबी हटाओ के नारे लगाने वाले खुद अमीर होते चले गए
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित है। आज भारत अधिक संकल्पित है और इसका एक बड़ा कारण देशवासियों के बढ़ा हुआ आत्मविश्वास है। ये आत्मविश्वास सिद्धियों से आता है, सरकार और व्यवस्था की संवेदनशीलता से आता है। आज ऐसी ही एक बड़ी राष्ट्रीय सिद्धि की चर्चा में जरूर करना चाहता हूं। भारत में गरीबी हटाने की बातें आजादी के बाद से ही चली आ रही है। गरीबी हटाने के नाम पर वोट मांगे गए। लेकिन देश में गरीबी की क्या स्थिति रही, ये हम सभी जानते हैं। जिन्होंने गरीबी हटाओ के नारे लगाए, वो खुद अमीर होते चले गए।’
बीते महीनों में हमने दुनिया को ऊर्जा संकट से जूझते हुए देखा है। कई देशों में तो पेट्रोल-डीजल की खरीद पर लिमिट तक लगा दी गई थी। भारत के लिए भी कहा जा रहा था कि यहां इतनी ज्यादा आबादी है, पेट्रोलियम का उत्पादन भी यहां नहीं होता, इसलिए सबसे बड़ा संकट भारत के सामने खड़ा होगा। इन्हीं आशंकाओं के बीच भारत विरोधी ताकतें भी सक्रिय हो गई थी। लेकिन, ये भारत का सामर्थ्य है कि हमने इस वैश्विक ऊर्जा संकट की चोट अपने नागरिकों पर नहीं पड़ने दी। ये देश की कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता तो है ही, इसमें हमारे देशवासियों की एकता और एकजुटता की भी उतनी ही बड़ी भूमिका है। क्योंकि, जब देश बाहरी चुनौतियों के समाधान तलाश रहा था, उस समय देश के भीतर भी कुछ ताकतें झूठ और अफवाह फैलाकर अस्थिरता पैदा करने में जुट गई थी। लेकिन देशवासी राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। यही इस देश की सबसे ताकत है, यही हमारे हौसले का सबसे बड़ा आधार है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे विपक्षी
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि सरदार पटेल और बाबा साहेब अंबेडकर जैसी महान विभूतियों ने जब देश के संविधान का निर्माण किया था, तो उन्होंने सत्ता पक्ष और विरोधी पक्ष की व्यवस्था बनाई। इस व्यवस्था का महत्व भी समझाया। लोकतंत्र में विरोधी पक्ष का दायित्व सरकार की नीतियों का विरोध करना है। लेकिन ये हमारा दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विरोधी पक्ष अपना कर्तव्य त्यागकर, विरोध की बजाय अवरोध पक्ष बन चुका है। अपनी हताशा और निराशा में ये लोग देश के विकास के सामने अवरोध खड़े कर रहे हैं। ये विरोध नहीं है, ये अवरोध है। इन्होंने इसी को अपनी राजनीति बना लिया है। ये लोग संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे हैं।
PM मोदी ने दिलाई देश की सुरक्षा की शपथ
मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुरक्षित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूं। भारत माता की जय!
PM मोदी ने सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि
गौरतलब है कि पीएम मोदी आज लौह पुरुष सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर गुजरात के एकता नगर में हैं, जहां पीएम मोदी ने सरदार पटेल की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर नमन किया और अब उन्होंने एकता नगर को 400 करोड़ से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इसमें 47 हजार वर्ग मीटर के रेन फॉरेस्ट और 220 मीटर लंबे ग्लास स्काईवॉक का उद्घाटन शामिल है। भारत के सबसे बड़े बोनसाई गार्डन की भी आज शुरुआत की गई। इसके अलावा, इसमें 127 कमरों के IRCTC होटल की शुरुआत भी शामिल है।
प्रधानमंत्री ने याद किया सरदार पटेल का योगदान
जान लें कि सरदार पटेल की जयंती के मौके पर हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। स्वतंत्रता मिलने के बाद रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने में सरदार पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अपने मैसेज में पीएम मोदी ने राष्ट्रीय एकीकरण और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने एक मजबूत, समृद्ध और सक्षम देश के निर्माण के लिए अपनी जिंदगी समर्पित कर दी।





